खंडवा: ज्वारे विसर्जन की तैयारी करते वक्त 8 लोगों की गई जान, कुंए में गए और वापस नहीं लौटे 

जिले के छैगांवमाखन थाना क्षेत्र के कुंडावत गांव में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव के कुएं की सफाई के दौरान जवारे विसर्जन की तैयारी में लगे दो लोग दलदल में फंस गए।

Apr 4, 2025 - 14:29
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खंडवा: ज्वारे विसर्जन की तैयारी करते वक्त 8 लोगों की गई जान, कुंए में गए और वापस नहीं लौटे 
8 people lost their lives while preparing for Jwara immersion went into the well and did not return


जिले के छैगांवमाखन थाना क्षेत्र के कुंडावत गांव में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव के कुएं की सफाई के दौरान जवारे विसर्जन की तैयारी में लगे दो लोग दलदल में फंस गए। उन्हें बचाने के लिए कुएं में उतरे छह अन्य लोग भी फंसकर अपनी जान गंवा बैठे। यह हादसा करीब दोपहर 3 बजे हुआ और इसकी वजह कुएं में जहरीली गैस का बनना बताया गया है। देर रात तक सभी आठ शवों को कुएं से बाहर निकाल लिया गया। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर शोक प्रकट किया है।

निमाड़ क्षेत्र में गणगौर माता का पर्व बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है। कुंडावत गांव में भी इस पर्व को लेकर जोरशोर से तैयारियां चल रही थीं। इसी सिलसिले में कुछ ग्रामीण गांव के बीच स्थित एक कुएं की सफाई के लिए उसमें उतरे। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि यही कुआं उनके लिए जानलेवा साबित होगा और उनकी मौत का कारण बन जाएगा।

2 को बचाने उतरे 6 और लोग, बन गया जानलेवा हादसा

सबसे पहले गजानन और अर्जुन कुएं की सफाई के लिए उतरे, लेकिन वे दलदल में फंस गए। उन्हें बचाने के प्रयास में छह और ग्रामीण कुएं में उतर गए, लेकिन वे भी एक-एक कर दलदल में धंसते चले गए। देखते ही देखते गांव के आठ लोग कुएं में समा गए। जैसे ही यह खबर गांव में फैली, अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार गूंजने लगी। ग्रामीणों ने तुरंत खंडवा जिला प्रशासन को घटना की सूचना दी।

प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही खंडवा प्रशासन हरकत में आया। एसडीआरएफ और होमगार्ड की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। खंडवा एसपी मनोज कुमार राय भी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ, लेकिन कुएं में मौजूद दलदल और कचरे के कारण जहरीली गैस बन गई थी, जिससे राहत कार्यों में भी परेशानी आई। इसके बावजूद देर रात तक सभी आठ शवों को कुएं से बाहर निकाल लिया गया।

पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता

खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने बताया कि रेस्क्यू पूरा होने के बाद सभी शवों को छैगांवमाखन के अस्पताल भेजा गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दुखद हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

हादसे में जान गंवाने वालों के नाम

जिला प्रशासन ने मृतकों की सूची जारी की है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस दुखद घटना में जिन लोगों की जान गई, उनके नाम हैं, राकेश पिता हरी (21), वासुदेव पिता आत्माराम (40), अर्जुन पिता गोविंद (35), गजानन पिता गोपाल (35), मोहन पिता मंसाराम पटेल (पूर्व सरपंच) (48),अजय पिता मोहन (25), शरण पिता सुखराम (37), अनिल पिता आत्माराम (25)। यह हादसा पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो गया है।