अमेरिका के टैरिफ ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार में आया तूफान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार पर गहरा असर पड़ा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार पर गहरा असर पड़ा है। 4 अप्रैल 2025 को बाजार ने लाल निशान में शुरुआत की और सेंसेक्स व निफ्टी दोनों में गिरावट का रुख देखा गया। वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट के चलते भारतीय निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा, जिससे बाजार में बिकवाली तेज हो गई।
ट्रंप टैरिफ का दिखा असर-
दोपहर 12:14 बजे तक, सेंसेक्स 761.53 अंकों (1.00%) की गिरावट के साथ 75,533.83 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 286.00 अंकों (1.23%) की गिरावट के साथ 22,964.10 पर ट्रेड कर रहा था।
ग्लोबल मार्केट पर प्रभाव-
ट्रंप के नए टैरिफ फैसले के तहत अमेरिका ने सभी इंपोर्ट्स पर कम से कम 10% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जबकि चीन, वियतनाम, इंडोनेशिया और यूरोपीय संघ के उत्पादों पर यह दर 25% तक जा सकती है। विशेष रूप से:
- चीन पर 54% तक टैरिफ लगाया गया है
- वियतनाम पर 46%
- कंबोडिया पर 49%
- इंडोनेशिया पर 32% का टैरिफ लागू किया गया है
- इस फैसले का वैश्विक बाजारों पर भारी असर पड़ा
- डॉव जोंस 1,700 अंकों की गिरावट के साथ करेक्शन जोन में चला गया
- एसएंडपी 500 में 5% और नैस्डैक में लगभग 6% की गिरावट आई
- जापान का निक्केई 4% से अधिक गिरा, जबकि यूरोप के पेरिस और फ्रैंकफर्ट बाजारों में 3% से अधिक की गिरावट देखी गई
भारतीय बाजार पर असर-
इस वैश्विक गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 322.08 अंक (0.42%) गिरकर 76,295.36 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 809.89 अंक तक गिर चुका था। हालांकि, फार्मा सेक्टर में मजबूती आने से गिरावट कुछ हद तक कम हो गई। वहीं, निफ्टी 82.25 अंक (0.35%) गिरकर 23,250.10 पर समाप्त हुआ।
ट्रंप के नए टैरिफ फैसले ने वैश्विक बाजारों में हाहाकार मचाया है, और भारतीय शेयर बाजार में भी इसका असर दिखा। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के चलते निवेशकों में घबराहट देखी गई, जिससे बाजार में बिकवाली तेज हो गई। अब निवेशकों की नजरें वैश्विक विकास के संकेतों और घरेलू आर्थिक नीतियों पर टिकी हैं, जो बाजार को आगे दिशा दे सकती हैं।