बैंक से लोन स्वीकृत न होने पर नाराज युवक ने बैंक में की डकैती
देश में चोरी और डकैती के कई अनोखे मामले सामने आते हैं, लेकिन यह मामला हैरान कर देने वाला है। एक व्यक्ति ने सिर्फ इसलिए बैंक में डकैती कर दी क्योंकि उसका लोन आवेदन खारिज कर दिया गया था।

देश में चोरी और डकैती के कई अनोखे मामले सामने आते हैं, लेकिन यह मामला हैरान कर देने वाला है। एक व्यक्ति ने सिर्फ इसलिए बैंक में डकैती कर दी क्योंकि उसका लोन आवेदन खारिज कर दिया गया था। डकैती की योजना बनाने में वह इतना समर्पित था कि वारदात को अंजाम देने से पहले उसने 15 बार वेब सीरीज 'मनी हाइस्ट' देखी।
यह मामला कर्नाटक के दावणगेरे जिले की न्यामती तालुका का है, जहां विजय कुमार नाम के व्यक्ति ने इंटरनेट पर कई वीडियो देखकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की ब्रांच से 17.7 किलो सोना चुरा लिया। डकैती को अंजाम देने से पहले उसने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर बैंक की रेकी भी की। पुलिस के लिए इन आरोपियों को पकड़ना मुश्किल हो गया था, क्योंकि उन्होंने अपने फोन बंद कर दिए थे और खोजी कुत्तों को गुमराह करने के लिए वारदात वाली जगह पर मिर्च पाउडर छिड़क दिया था।
इस मामले में पुलिस को आरोपियों को पकड़ने में पूरे पांच महीने लग गए। मुख्य आरोपी विजय कुमार, जो तमिलनाडु के मदुरै का रहने वाला है, ने अपने साथियों के साथ पहली बार किसी अपराध को अंजाम दिया था। पुलिस ने उनके पास से डकैती में लूटा गया 17.7 किलो सोना बरामद कर लिया, जिसमें ज्यादातर वह सोना था जिसे ग्राहकों ने लोन के बदले गिरवी रखा था।
छह महीने तक की बैंक की निगरानी
डकैती को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने पूरे छह महीने तक बैंक की रेकी की। इस दौरान वे दिन और रात दोनों समय बैंक पर नजर रखते थे, खासतौर पर सार्वजनिक छुट्टियों पर बैंक की विशेष निगरानी की जाती थी। वारदात से पहले उन्होंने दस्ताने, गैस-कटर और मिर्च पाउडर भी खरीदे थे।
बैंक लूटने की योजना क्यों बनाई?
पुलिस के मुताबिक, विजय कुमार ने PME योजना के तहत अपनी बेकरी के लिए 15 लाख रुपये का लोन मांगा था, लेकिन कम सिबिल स्कोर के कारण बैंक ने लोन अस्वीकृत कर दिया। जब उसने अपने भाई के नाम से भी लोन के लिए आवेदन किया और वह भी रिजेक्ट हो गया, तो निराश होकर उसने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर बैंक लूटने की योजना बना ली।
तमिलनाडु और कर्नाटक के आरोपी
पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों में विजय कुमार के साथ उसका भाई अजय कुमार और चचेरा भाई परमानंद भी शामिल हैं, जो तमिलनाडु के मदुरै के रहने वाले हैं। वहीं, अन्य आरोपी अभिषेक, चंद्रू और मंजुनाथ कर्नाटक के न्यामती के निवासी हैं।