नवरात्रि का अंतिम चरण: अष्टमी और नवमी पर हवन के शुभ मुहूर्त और पूजन

नवरात्रि के पावन अवसर पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का समापन करीब आ रहा है। इस शुभ पर्व के अंतर्गत अष्टमी और नवमी तिथि पर मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री का पूजन किया जाता है।

Apr 4, 2025 - 14:47
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नवरात्रि का अंतिम चरण: अष्टमी और नवमी पर हवन के शुभ मुहूर्त और पूजन
Last phase of Navratri: Auspicious time of Havan and Puja on Ashtami and Navami

इस साल 5 अप्रैल को अष्टमी और 6 अप्रैल को नवमी

नवरात्रि के पावन अवसर पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का समापन करीब आ रहा है। इस शुभ पर्व के अंतर्गत अष्टमी और नवमी तिथि पर मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री का पूजन किया जाता है। इन दोनों दिनों में से  एक दिन लोग व्रत का पारण करते हैं और हवन करते हैं। ऐसा माना जाता है कि बिना हवन के व्रत पूरा नहीं होता है।इस वर्ष अष्टमी का पर्व 5 अप्रैल को और नवमी का पर्व 6 अप्रैल को मनाया जाएगा। 

आइए जानते हैं इन दोनों दिनों के हवन के शुभ मुहूर्त।

अष्टमी के हवन के शुभ मुहूर्त-

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:35 से 5:21 तक

प्रात: संध्या: सुबह 4:58 से 6:07 तक

अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:59 से दोपहर 12:49 तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 2:30 से शाम 3:20 तक

नवमी के हवन के शुभ मुहूर्त:

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:34 से 5:20 तक

प्रात: संध्या: सुबह 4:57 से 6:05 तक

अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:58 से दोपहर 12:49 तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 2:30 से शाम 3:20 तक

हवन के बाद विशेष भोग-

जिस दिन हवन किया जाता है उस दिन ही लोग कन्या पूजन भी करते हैं।  ऐसे में कन्या पूजन में उनके भोज में कुछ चीजों का होना बेहद जरूरी माना जाता है।  जैसे काले चने, हलवा, पूरी।  ऐसा माना जाता है कि ये माता के प्रिय भोग है और इसके बिना पूजन अधूरा रहता है। 

इस नवरात्रि के अंतिम चरण में हवन और कन्या पूजन के साथ मां दुर्गा के प्रति भक्ति और श्रद्धा को और भी पावन बनाएं। शुभ मुहूर्त का पालन करते हुए विशेष भोग अर्पित करें ताकि आपकी पूजा पूर्णता और आशीर्वाद से भरपूर हो।