सतना: सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा चेंक बाउंस मामले में कोर्ट में हुए पेश, अदालत ने सुनाया फैसला
सतना से कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा को एक पुराने चेक बाउंस मामले में जबलपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट से जमानत मिल गई है। यह मामला ₹1.25 लाख के चेक बाउंस से जुड़ा है।

सतना से कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा को एक पुराने चेक बाउंस मामले में जबलपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट से जमानत मिल गई है। यह मामला ₹1.25 लाख के चेक बाउंस से जुड़ा है, जिसकी शिकायत विजय कनकने ने 2016 में कटनी जिला न्यायालय में की थी। विधायक कुशवाहा कोर्ट में पेश हुए और जमानत के लिए आवेदन किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
असल में, विजय कनकने ने 2016 में कटनी जिला न्यायालय में यह शिकायत दर्ज कराई थी कि सिद्धार्थ कुशवाहा द्वारा दिया गया ₹1.25 लाख का चेक बाउंस हो गया है। इस शिकायत के आधार पर अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 138 के तहत मामला दर्ज करते हुए कुशवाहा के खिलाफ वारंट जारी किया था।
चूंकि सिद्धार्थ कुशवाहा सतना से विधायक निर्वाचित हो चुके थे, इसलिए उनके खिलाफ चल रहे चेक बाउंस के मामले को शीघ्र निपटारे हेतु जबलपुर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। यह विशेष अदालत सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई करती है।
लगातार गैरहाजिरी पर जारी हुआ वारंट
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि सिद्धार्थ कुशवाहा वर्ष 2016 से लगातार अनुपस्थित रहे हैं। केवल उनके वकील ही कोर्ट में हाजिर हो रहे थे। रिकॉर्ड के अनुसार, फरवरी 2018 में भी उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, लेकिन उसके बावजूद वे पेश नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने सतना के पुलिस अधीक्षक के माध्यम से फिर से गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
कोर्ट में पेश होकर मांगी जमानत
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा आखिरकार गुरुवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में उपस्थित हुए और जमानत के लिए आवेदन दिया। विशेष न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई के बाद उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। उल्लेखनीय है कि अदालत पहले भी उनकी गैरहाजिरी को लेकर नाराजगी जता चुकी थी।