धार्मिक स्थलों में भी बढ़ रही सैलानियों की संख्या
देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई प्रयास किए जा रहे हैं। नतीजतन देश में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 25 जनवरी राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के मौके पर हमने जाना कि देश में पहाड़ी, बीच और सुंदर हिल स्टेशनों के साथ किन जगहों पर लोग जाना पसंद कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में देखा गया है कि धार्मिक स्थलों में पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ गई है।

देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई प्रयास किए जा रहे हैं। नतीजतन देश में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 25 जनवरी राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के मौके पर हमने जाना कि देश में पहाड़ी, बीच और सुंदर हिल स्टेशनों के साथ किन जगहों पर लोग जाना पसंद कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में देखा गया है कि धार्मिक स्थलों में पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ गई है।
अयोध्या में रामलला सरकार की स्थापना के बाद से यहां पर देश-विदेश के सैलानी पहुंच रहे हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर के जीर्णोध्दार के बाद से यहां पर भी टूरिज्म को काफी बढ़ावा मिला है। इस तरह से कई ऐसे धार्मिक स्थल है जो पर्यटन को बढ़ावा देने में मददगार साबित हो रहे हैं। लोगों की पसंद समुद्र, पहाड़, झीलों तक सीमित नहीं रह गई है। वे धार्मिक और आध्यात्मिक जगहों पर भी शिरकत कर रहे हैं।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस की शुरूआत कैसे हुई ?
भारत में पर्यटन दिवस मनाने की शुरुआत 1948 में, यानी भारत की स्वतंत्रता के एक साल बाद हुई थी। स्वतंत्रता के बाद पर्यटन के महत्व को समझते हुए इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन यातायात समिति का गठन किया गया। इस समिति के गठन के तीन साल बाद 1951 में कोलकाता और चेन्नई में पर्यटन दिवस के क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए गए। इसके बाद दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में भी पर्यटन कार्यालय बनाए गए। 1998 में पर्यटन विभाग की स्थापना की गई, जो पर्यटन और संचार मंत्री के नेतृत्व में कार्य करता है।
पर्यटन को प्रोत्साहित करना था उद्देश्य
पर्यटन दिवस का मुख्य उद्देश्य भारत की समृद्धि को विश्वभर में प्रस्तुत करना है। इसके माध्यम से भारत को वैश्विक स्तर पर आकर्षित किया जाता है और साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान है। इस दिशा में भारतीय पर्यटन के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता महसूस की गई। पर्यटन दिवस को मनाने का एक अन्य उद्देश्य यह है कि लोग वैश्विक स्तर पर पर्यटन के सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जागरूक हों।
यह है थीम
2025 में पर्यटन दिवस की थीम है समावेशी विकास के लिए पर्यटन। पर्यटन को बढ़ावा इस प्रकार दिया जाए कि सभी वर्ग के लोगों को इससे लाभ मिले। आर्थिक विकास हो और टूरिज्म को बढ़ावा मिले।