इस साल भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए भरेंगे उड़ान 

भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला इस साल मई में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करेंगे। उन्हें एक्सिओम मिशन 4 के तहत अंतरिक्ष में भेजे जाने की घोषणा नासा ने की है।

Apr 3, 2025 - 14:41
 2
इस साल भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए भरेंगे उड़ान 
This year Indian astronaut Shubhanshu Shukla will fly to the International Space Station

भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला इस साल मई में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करेंगे। उन्हें एक्सिओम मिशन 4 (Ax-4) के तहत अंतरिक्ष में भेजे जाने की घोषणा नासा ने की है। इस मिशन में शुभांशु शुक्ला मिशन पायलट के रूप में कार्य करेंगे।

शुभांशु शुक्ला भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री होंगे, जो 1984 में अंतरिक्ष जाने वाले विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद यह उपलब्धि हासिल करेंगे। इस ऐतिहासिक मिशन में उनके साथ कई और लोग भी शामिल होंगे जैसे, पेगी व्हिटसन (पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री और मिशन कमांडर), स्लावोस उज़नान्स्की-विस्निव्स्की (पोलैंड), टिबोर कपु (हंगरी) यह मिशन न केवल भारत के लिए बल्कि पोलैंड और हंगरी के लिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि इन देशों के पहले अंतरिक्ष यात्री भी आईएसएस पर रहेंगे।

गगनयान मिशन से पहले का अंतरराष्ट्रीय अनुभव-

शुभांशु शुक्ला को ISRO ने भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम, गगनयान मिशन, के लिए प्रमुख अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना था। गगनयान का उद्देश्य तीन सदस्यीय दल को 400 किलोमीटर की निचली कक्षा में तीन दिनों तक भेजना है। इस मिशन के लिए ISRO ने नासा और अमेरिकी कंपनी एक्सिओम स्पेस के साथ साझेदारी की है।

अगर शुभांशु शुक्ला किसी कारणवश इस मिशन में हिस्सा नहीं ले पाते हैं, तो उनकी जगह ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर को भी अंतरिक्ष यात्री के रूप में नामित किया गया है।

एक्सिओम मिशन 4-

एक्सिओम मिशन 4 को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान और फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाएगा। अंतरिक्ष यात्री आईएसएस पर 14 दिनों तक रहेंगे, जहां वे वैज्ञानिक प्रयोग, जनसंपर्क और व्यावसायिक गतिविधियों में भाग लेंगे।

यह मिशन नासा द्वारा संचालित चौथा निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन है। इससे पहले एक्सिओम मिशन 1 (अप्रैल 2022), मिशन 2 (मई 2023) और मिशन 3 (जनवरी 2024) सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं।

भारत-अमेरिका अंतरिक्ष सहयोग-

नासा और ISRO के बीच हुए समझौते के तहत भारत ने एक्सिओम स्पेस से इस मिशन के लिए एक सीट खरीदी है। यह सहयोग किसी भी पारस्परिक शुल्क नीति के बावजूद जारी रहेगा। यह मिशन भारतीय मूल की नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के 286 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा के कुछ महीनों बाद शुरू होगा।

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा न केवल भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की वैज्ञानिक क्षमता को भी प्रदर्शित करेगी।